ईद-उल-अज़्हा 1448 हि. की तारीख — लाइव काउंटडाउन

उम्म अल-कुरा कैलेंडर के आधार पर ईद-उल-अज़्हा (10 ज़ुल-हिज्जा) और अरफ़ात के दिन (9 ज़ुल-हिज्जा) तक शेष समय ट्रैक करें। आधिकारिक तारीख ज़ुल-हिज्जा के हिलाल की पुष्टि पर निर्भर करती है।

ईद-उल-अज़्हा 1448 हि. की तारीख — लाइव काउंटडाउन

ईद-उल-अज़्हा 1448 हि. की तारीख — लाइव काउंटडाउन

उम्म अल-कुरा कैलेंडर के आधार पर एक सटीक उलटी गिनती के माध्यम से ईद अल-अजहा तक शेष समय को ट्रैक करने के लिए एक वेब टूल।

दिनांक के लिए कस्टम उलटी गिनती:
हिजरी (इस्लामी) कैलेंडर के अनुसार:
ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार:
* गणना सऊदी अरब साम्राज्य के समय (UTC+3) और आधिकारिक उम्म अल-कुरा कैलेंडर पर आधारित है।
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इस्लामी कैलेंडर में अरफ़ात का दिन और ईद-उल-अज़्हा

अरफ़ात का दिन ज़ुल-हिज्जा की नौ तारीख को पड़ता है, जो हज तीर्थयात्रा का सबसे महान दिन है और मुसलमानों के लिए वर्ष के सबसे पुण्य दिनों में से एक है। इसके तुरंत बाद ईद-उल-अज़्हा ज़ुल-हिज्जा की दस तारीख को आती है, जो दूसरी बड़ी इस्लामी शैरत है।

काउंटडाउन उम्म अल-कुरा कैलेंडर के आधार पर अरफ़ात के दिन, ईद-उल-अज़्हा और ज़ुल-हिज्जा के पहले दस दिनों की अपेक्षित खगोलीय तारीख को ट्रैक करता है।

ईद की तारीख कैसे निर्धारित होती है?

ईद-उल-अज़्हा की तारीख ज़ुल-हिज्जा के हिलाल की पुष्टि से जुड़ी है। सऊदी अरब की सर्वोच्च अदालत आधिकारिक रूप से महीने की शुरुआत की घोषणा करती है, जिससे अरफ़ात का दिन (9 तारीख) और ईद-उल-अज़्हा (10 तारीख) निर्धारित होती है। इसलिए, काउंटडाउन में दिखाई गई तारीख आधिकारिक तारीख से एक दिन भिन्न हो सकती है।

अन्य अवसरों को ट्रैक करने के लिए: रमज़ान काउंटडाउन | ईद-उल-फ़ित्र काउंटडाउन

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस साल अरफ़ात का दिन कब है?

अरफ़ात का दिन ज़ुल-हिज्जा की 9 तारीख है। अनुमानित खगोलीय तारीख ऊपर काउंटडाउन में दिखाई गई है, और आधिकारिक तारीख ज़ुल-हिज्जा के हिलाल की पुष्टि के बाद घोषित की जाती है।

क्या काउंटडाउन में दिखाई गई तारीख अंतिम है?

नहीं। तारीख उम्म अल-कुरा खगोलीय गणनाओं पर आधारित है। आधिकारिक तारीख सर्वोच्च अदालत द्वारा घोषित हिलाल की पुष्टि पर निर्भर करती है।

ज़ुल-हिज्जा के हिलाल की पुष्टि और ईद की तारीख के बीच क्या संबंध है?

ज़ुल-हिज्जा का हिलाल पुष्ट होने पर महीने का पहला दिन स्थापित होता है, जिससे अरफ़ात का दिन (9 तारीख) और ईद-उल-अज़्हा (10 तारीख) निर्धारित होती है। हिलाल की पुष्टि में कोई भी देरी ईद को एक दिन पीछे धकेल देती है।